Sikkim ki Rajdhani । Capital of Sikkim in Hindi.

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Abhi Sikkim ki Rajdhani Gangtok hai, lekin etihasik kaal mai yah alag thi. Ish lekh mein, mai nein Sikkim ki prachin aaur sath hi wartaman rajdhani ko suchibadh kiya hai.

The current capital of Sikkim is Gangtok, but it was different during historic times. In this article, I have listed Sikkim’s ancient and contemporary capital.

सिक्किम की वर्तमान राजधानी गान्तोक है, लेकिन ऐतिहासिक काल में यह अलग थी। इस लेख में, मैंने सिक्किम की प्राचीन और साथ ही वर्तमान राजधानी को सूचीबद्ध किया है

The well-documented Sikkim history available today dates back to the 17th century. Sikkim was an independent state ruled by a Chogyal dynasty ruler before becoming the 22nd state of India on 16 May 1975.

आज उपलब्ध सिक्किम का अच्छी तरह से प्रलेखित इतिहास 17 वीं शताब्दी से शुरू होता है। सिक्किम 16 मई 1975 को भारत का 22 वां राज्य बनने से पहले छोग्याल वंशका सम्राट द्वारा शासित एक स्वतंत्र राज्य था।

The first capital of Sikkim (Sikkim ki Rajdhani) is Yuksom. In 1642, Chogyal Phunchok Namgyal was sworn in as Sikkim’s first king. So Yuksom became the first capital of Sikkim. The evidence place of the crowning ceremony is still intact today in Yuksom Norbugang. Yuksum is located in West Sikkim, and today Yuksum has become an excellent place for tourists to visit.

पहला सिक्किमकी राजधानी (Sikkim ki Rajdhani) युक्सम है । 1642 में छोग्याल फुनछोक नामग्याल को सिक्किम के पहले राजा के रूप में घोषित किया गया, इसिके साथ युक्सम सिक्किम राज्यका पहला राजधानी बन गया। युकसम नरबुगाङ् में जहां ताज समारोह हुआ था, इसका प्रमाण आज भी बरकरार है। युक्सम पश्चिम सिक्किममे स्थित है और आज युक्सम पर्यटकके लिए एक बेहेतेरिन घुम्ने कि जगह बन चुका है ।

After Phunshok Namgyal, his son Tensung Namgyal became the king of Sikkim in 1670. Tensung Namgyal shifted the Capital to Rabdentse near Pelling west Sikkim. So, Rabdentse became the second capital of Sikkim (2nd Sikkim ki Rajdhani). Currently, Pelling Rabdentse falls under the Geyzing subdivision in West Sikkim.

फुनछोक नामग्याल के बाद, उनका पुत्र तेनसुंग नामग्याल 1670 में सिक्किम का राजा बना। तेनसुंग नामग्याल ने राजधानी को पेलिंग पश्चिम सिक्किम के पास राबदेन्त्सी में स्थानांतरित कर दिया।इसिप्रकारसे, राबदेन्त्सी सिक्किम की दूसरी राजधानी बन गया। वर्तमान में, पेलिंग राबदेन्त्सी पश्चिम सिक्किम में गेजिंग उपखंड के अंतर्गत आता है।

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Unfortunately, the capital of Rabdentse did not stand peacefully. Especially during the kingship of 6th prince Tenzing Namgyal, Sikkim saw many challenges between 1670 to 1770s. Invasion of Gorkha armies led by Prithvi Naryan Sah from Nepal turned Rabdentse into ruins. Today Rabdentse is one of the most famous tourist spots in Sikkim.

दुर्भाग्य से, राबदेन्त्सी की राजधानी शांति से खड़ी नहीं रही। विशेष रूप से छठवें राजकुमार तेनजिंग नामग्याल के शासनकाल के दौरान, सिक्किम ने 1670 से 1770 के बीच कई चुनौतियों का सामना किया। नेपाल से पृथ्वी नारायण साह के नेतृत्व में गोरखा सेनाओं के आक्रमण ने राबदेन्त्सी को खंडहर में बदल दिया। आज राबदेन्त्सी खंडहर सिक्किम के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

After the death of Tenzing Namgyal, his son Tshudpud Namgyal became the king of Sikkim in 1793. Rabdentse had become too insecure because of the Nepal conflict, So Tshudpud Namgyal shifted the capital from Rabdentse to Tumlong. Tumlong became the third capital of Sikkim (3rd Sikkim ki Rajdhani). Currently, Tumlong falls under the Mangan north district of Sikkim.

तेनजिंग नामग्याल की मृत्यु के बाद, उनका पुत्र शुदपुद नामग्याल 1793 में सिक्किम का राजा बना। नेपाल सेना के हमलेके कारण राबदेन्त्सी बहुत असुरक्षित हो गया था, इसलिए शुदपुद नामग्याल ने राजधानी को राबदेन्त्सी से तुमलोङ्ग में स्थानांतरित कर दिया। तुमलोङ्ग सिक्किम की तीसरी राजधानी बनी। वर्तमान में, तुमलोङ्ग सिक्किम के मंगन उत्तर जिले के अंतर्गत आता है।

In 1894 Thutob Namgyal Shifted the capital from Tumlong to Gangtok east Sikkim. Thus Gangtok became the fourth capital of Sikkim (4th Sikkim ki Rajdhani). Since then, Gangtok has continued to remain as the current capital of Sikkim State.

1894 में थुतोब नामग्याल ने राजधानी को तुमलोंग से हटाकर गान्तोक पूर्वी सिक्किम में स्थानांतरित कर दिया। इस प्रकार गान्तोक सिक्किम की चौथी राजधानी बन गया। तब से, गान्तोक सिक्किम राज्य की समकालीन राजधानी के रूप में बना हुआ है।

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